गया, मार्च 19 -- मगध विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय एवं एशियाई अध्ययन विभाग द्वारा गुरुवार को शंकराचार्य मठ में संरक्षित पुरावशेषों के अध्ययन व दस्तावेजीकरण की पहल की गयी। विश्वविद्यालय और मठ के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत विभाग के शिक्षकों एवं छात्रों की टीम ने मठ परिसर में रखी प्राचीन मूर्तियों और अन्य पुरातात्त्विक अवशेषों का अवलोकन कर उसके अभिलेखीकरण की प्रक्रिया को समझा। इस दौरान छात्रों को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा निर्धारित पुरातात्त्विक नियमों के अंतर्गत पुरावशेषों के पंजीकरण, वर्गीकरण तथा वैज्ञानिक ढंग से दस्तावेज तैयार करने की विधि की जानकारी दी गयी। बताया गया कि शंकराचार्य मठ में सैकड़ों ऐतिहासिक पुरावशेष सुरक्षित है। जिसका अबतक व्यवस्थित डॉक्यूमेंटेशन नहीं हुआ है। इन अवशेषों का निर्धारित प्रारूप में पंजीकरण होने...
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