रांची, अगस्त 12 -- रांची, संवाददाता। चतरा के बहुचर्चित मगध और आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े अवैध फंडिंग और लेवी वसूली मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने टीपीसी के सक्रिय सदस्य बिंदेश्वर गंझू समेत 12 अभियुक्तों को दोषी करार दिया। जबकि, अजीत ठाकुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। दोषी करार अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया। दोषियों की सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए 18 अगस्त को तारीख निर्धारित की गई है। वहीं, मामले में ट्रायल फेस कर रहे आरोपी टीपीसी के क्षेत्रीय कमांडर अकरमन जी उर्फ रवींद्र गंझू की फाइल अलग कर दी गई है। मामले की शुरुआत टंडवा थाना कांड संख्या 2/2016 से हुई थी। केंद्र सरकार के आदेश पर 13 फरवरी 2018 को एनआईए ने इसकी जांच अपने हाथ में ली थी। मामले में सुप्रीम कोर्...