दरभंगा, फरवरी 26 -- दरभंगा, । राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा में उत्तर प्रदेश के कृषि विज्ञान विशेषज्ञों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने मखाना की बढ़ती वैश्विक मांग एवं विश्व बाजार में भारत की अग्रणी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में मखाना के क्षेत्र विस्तार की अपार संभावनाएं हैं, किंतु इसका विस्तार पूर्णत: विवेकपूर्ण एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मखाना क्षेत्र में हुए परिवर्तन किसी क्रांति से कम नहीं हैं, परंतु पूर्व की कृषि क्रांतियों, विशेषकर हरित क्रांति से मिले सबक को ध्यान में रखना अत्यंत आवश्यक है। मखाना फसल में अन्य धान्य फसलों की तुलना में अधिक जल की आवश्यकता होती है, ...