किशनगंज, सितम्बर 9 -- राजीव कुमार सिन्हा ठाकुरगंज। निज संवाददाता बिहार में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ठाकुरगंज प्रखंड के कई किसानों ने मखाना की खेती की ओर कदम बढ़ाया है, लेकिन खेती से लेकर फसल तैयार होने और उसकी निकासी तक किसानों को जरूरी तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों की समस्याएँ स्थानीय किसानों का कहना है कि मखाना की खेती धान और अन्य पारंपरिक फसलों की तुलना में अलग प्रकृति की है। इसे लगाने, खेत व पानी की स्थिति बनाए रखने, पौधों की देखभाल करने, फसल तैयार होने का समय पहचानने तथा तैयार मखाना को पानी से निकालने की प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी किसानों को नहीं दी ...