मधेपुरा, जनवरी 6 -- ग्वालपाड़ा, निज प्रतिनिधि। मौसम की मार मक्का की फसल में कीट- व्याधियों का प्रकोप बढ़ गया है। पीले सोने के तौर पर मशहूर मक्के की फसल में कीट- व्याधियों का प्रकोप बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गयी है। हरे-भरे पौधों को कीड़े का निवाला बनते देख उनके चेहरे पर मायूसी छाई हुई है। बताया जा रहा है कि कीड़े पौधे के तनों और पत्तियों को काट कर गिरा देता है। कीड़े की चपेट में आने से पौधे मुरझा कर सूख जाते हैं। महंगे कीटनाशकों के छिड़काव के बाद कुछ राहत मिलती है। कीट-व्याधियों से निजात पाने में लोगों को जेबें ढीली करनी पड़ रही है। साधारण किसान इस बोझ को सहन करने में अक्षम साबित हो रहे हैं। शाहपुर गांव के किसान बुदुर सिंह, टक्किर टोला के बाघो यादव, रही टोला के रंजन यादव, विषवाड़ी बिंद टोली के रामदिनेश महतो ने अपनी पीड़ा को इजहार करते हुए कहा...
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