हल्द्वानी, मई 24 -- हल्द्वानी। बारिश और उमस बढ़ने के साथ इस बार तराई से लेकर पहाड़ी इलाकों तक मक्के की फसल पर 'फॉल आर्मीवर्म' नामक खतरनाक कीट का खतरा तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। केवीके ज्योलीकोट की वैज्ञानिक टीम ने इस पर चिंता जताई है। वरिष्ठ वैज्ञानिक दीपाली तिवारी पांडे और कंचन नैनवाल का कहना है कि जिले व आसपास के क्षेत्रों में इस बार इस कीट का प्रकोप पहले के मुकाबले ज्यादा देखने को मिल रहा है। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो खेतों में लहलहाने वाली मक्के की फसल पर बड़ा असर पड़ सकता है। साथ ही पशु चारा, कॉर्नफ्लेक्स, पॉपकॉर्न और कई खाद्य उत्पादों में प्रयोग लाए जाने वाले स्थानीय भुट्टों की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

पत्तियों पर बनते हैं सफेद जाली जैसे निशान कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि फॉल आर्मीवर्म की स...