संभल, अप्रैल 3 -- जनपद के किसानों के लिए इस साल आलू की खेती किसी संकट से कम नहीं रही। बाजार में मंदी और उचित दाम न मिलने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों की हालत ऐसी हो गई कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया। ऐसे मुश्किल दौर में अझरा गांव के युवा किसान सतीश यादव ने हिम्मत नहीं हारी, बल्कि नई सोच और प्रयोग से नुकसान की भरपाई का रास्ता खोज निकाला। उन्होंने सर्दी में उगाई जाने वाली मूली की फसल को मक्का की फसल के साथ सहफसली के रूप में उगाया है। युवा किसान सतीश यादव ने पारंपरिक खेती से हटकर सहफसली पद्धति अपनाई। उन्होंने मक्का की फसल के साथ-साथ मूली की खेती शुरू की। अभी मक्का की फसल करीब 20 दिन की है और उसके बीच में लगी सर्दियों में उगने वाली मूली की फसल तेजी से बढ़ रही है। खेत में हरियाली देखकर उनका प्रयोग सफल होता दिख रहा है...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.