नवादा, अप्रैल 14 -- कभी नवादा जिला मक्का उत्पादन के लिए अपनी खास पहचान रखता था, लेकिन वर्तमान में जिले के किसानों में गहरी निराशा दिख रही है। जिले में मक्के की खेती को लेकर विभिन्न कारणों से किसानों की अरुचि दिख रही है। खाद, बीज और मजदूरी की बढ़ती कीमतों के बीच कुदरत की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लागत में लगभग 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी, लेकिन लाभ विगत वर्ष की आधी रह जाने से स्थिति बहुत बेहतर नहीं कही जा सकती है। हालांकि बेहतरी की आस में किसान अब भी मक्के की खेती से जुड़े रहने का साहस दिखा रहे हैं। यह भी पढ़ें- लीड धरती पुत्रों की व्यथा - मक्का हालिया दिनों की बात की जाए तो अब थोड़ी राहत है, क्योंकि सरकारी सिस्टम ने जलवायु आधारित खेती को प्रोत्साहित करने के क्रम में मक्का उत्पादन पर जोर दिया है। अनुदानित बीज की सरकार द्वारा उपलब्धता के का...