आगरा, मई 25 -- साजिश रच दो मंजिला मकान का फर्जी बैनामा करने के 17 साल पुराने मामले में फैसला आ गया है। अदालत ने आरोपी आशीष निवासी शास्त्रीपुरम थाना सिकंदरा को दोषी पाया है। सीजेएम शारिब अली ने आरोपी को सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से अभियोजन अधिकारी बृजमोहन सिंह कुशवाह ने गवाह और अहम साक्ष्य प्रस्तुत किए। वादी गौतम प्रकाश ने 23 दिसंबर 2009 में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी एक जायदाद मोहल्ला भट्टा देवीदास जगनपुर में है। इसमें छोटे बड़े 20 क्वार्टर बने हैं। ये मेरी पैतृक जायदाद है। रामबली ताला तोड़कर उसके बंद मकान में रह रहा था। रामबली ने इस जायदाद को मेरे पिता देवीदास द्वारा लिखा बता लोगों को भ्रमित कर फर्जी व कूटरचित तरीके से बैनामा कर दिया। फर्जी बैनामा खंदारी निवास...