नई दिल्ली, जनवरी 13 -- मकर संक्रांति एक सूर्य से जुड़ी अनेक परंपराओं का महोत्सव है। सबको सूर्य चाहिए, क्योंकि इससे जीवन की तमाम जरूरतें पूरी होती हैं। ऐसे में, आध्यात्मिक रूप से ही नहीं, व्यावहारिक रूप से भी मकर संक्रांति का महत्व बहुत बढ़ जाता है। यह महापर्व अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है। प्रस्तुत है महिमा सामंत की कलम से इस महापर्व के विविध रूपों को समेटता आलेख... यह भारतीय एकता का महोत्सव है। भारत की पहचान उसकी विविध परंपराओं में नहीं, बल्कि उन्हें जोड़ने वाली भावना में है। अलग-अलग स्वाद, अलग-अलग रीतियां और अलग-अलग उत्सव हैं, पर सूर्य एक ही है। उसका प्रकाश सबके लिए समान है। यही कारण है कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक मुस्कान और साझा आशा है। यह ऐसा पर्व है, जो पूरे देश में प्रायः एक ही समय पर...
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