धनबाद, जनवरी 13 -- धनबाद, वरीय संवाददाता सनातन में मकर संक्रांति के पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन से भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य की उपासना और गंगा स्नान विशेष फलदायी माना जाता है। अलग-अलग समाज के लोग इसे अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। हालांकि इस बार मकर संक्रांति मनाने के लिए तिथि को लेकर पंचांगों में भेद है। काशी और मिथिला पंचांग के अपने-अपने मत हैं। इसलिए निर्णय सिंधु के अनुसार अपने-अपने क्षेत्र के लोकाचार्य के अनुसार कोई 14 को तो कोई 15 को मकर संक्रांति का त्योहार मनाएगा। रात्रि 9.38 बजे सूर्य का धनु से मकर राशि में प्रवेश वेदाचार्य पंडित रमेशचंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि काशी पंचांग के अनुसार इस बार 14 जनवरी को रात 9:38 बजे सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। रात्रि कालीन गोचर के...
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