वाराणसी, जनवरी 13 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सौर मान से सूर्य संक्रांति के समय से ही धर्मशास्त्रीय व्यवस्था में व्रत-पर्वों का निर्धारण मान्य है। इस वर्ष सौर मान से सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी यानी बुधवार की रात 09:19 बजे होगा। ऐसे में शास्त्र का स्पष्ट आदेश है कि सूर्य संक्रांति यदि प्रदोष काल अथवा रात में किसी भी समय लगती है तो उसका पुण्यकाल दूसरे दिन मध्याह्न काल तक होता है। अत: मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को मनाया जाना चाहिए। व्रत-पर्वों के लिए दिन का कोई भेद नहीं होता है। चाहे वह सप्ताह के किसी भी दिन पड़े। अत: गुरुवार को पुण्यकाल होने से खिचड़ी दान और सेवन किसी भी दृष्टि से दोषपूर्ण नहीं है। वैसे भी गुरुवार को खिचड़ी न खाना मात्र लौकिक परंपरा है। इसका कोई शास्त्रीय प्रमाण नहीं है। महावीर पंचांग के संपादक डॉ.रामेश्वरनाथ ओ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.