मंदिर सार्वजनिक संस्था, वाद दायर करने की अनुमति, हाई कोर्ट ने रद्द किया ट्रायल कोर्ट का आदेश
प्रयागराज, मई 14 -- Allahabad Highcourt Order: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इटावा के एक प्राचीन राम-जानकी मंदिर विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मंदिर को प्रथमदृष्टया सार्वजनिक धार्मिक संस्था माना है। कोर्ट ने धारा 92 सीपीसी के तहत मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा 13 जनवरी 2026 को पारित आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि इस स्तर पर केवल यह देखना होता है कि मामला सुनवाई योग्य है या नहीं, पक्षकारों के अधिकारों का अंतिम निर्धारण नहीं किया जाता। रामचंद्र जी महाराज विराजमान मंदिर, रामताल ने याचिका दाखिल कर ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद ने सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मंदिर सार्वजनिक स्वरूप का है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं और ...
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