नई दिल्ली, मई 7 -- सनातन धर्म में मंदिर और पूजा से जुड़ी कई चीजों को बेहद खास माना जाता है। घंटी, शंख, तिलक, दिया और तांबे के बर्तन सिर्फ परंपरा का हिस्सा नहीं हैं बल्कि इनके पीछे धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं। अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि मंदिर की घंटी गोल ही क्यों होती है या तिलक हमेशा दोनों भौंहों के बीच ही क्यों लगाया जाता है। माना जाता है कि इन सभी चीजों के पीछे कोई न कोई खास वजह जरूर होती है। आइए जानते हैं पूजा और मंदिर से जुड़े ऐसे ही कुछ रहस्य।मंदिर की घंटी गोल होना मंदिर में प्रवेश करते ही सबसे पहले घंटी बजाई जाती है। घंटी का गोल आकार इस तरह बनाया जाता है कि उसकी आवाज कुछ सेकंड तक गूंजती रहे। इसका का गोल होना वैज्ञानिक और आध्यात्मिक वजहों से बहुत जरूरी है। गोल आकार घंटी की ध्वनि को चारों दिशाओं में सही से फैलाता है और इस...
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