बांदा, मार्च 27 -- बांदा। संवाददाता चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को रामनवमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा के साथ-साथ भगवान राम की भी पूजा करते हैं। इस दिन देवी अंबे के सिद्धिदात्री स्वरूप की उपासना की जाती है। मान्यताओं अनुसार माता के इस रूप की पूजा-अर्चना करने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं। नवमी चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन भी होता है। ऐसे में इस दिन भक्त हवन करने के बाद कन्या पूजन भी करते हैं। कई श्रद्धालु कन्या पूजन के बाद अपना व्रत खोल लेते हैं तो कई अगले दिन यानी दशमी तिथि को नवरात्रि व्रत का पारण करते हैं।ज्योतिषाचार्य पं.ओमप्रकाश शास्त्री, राजेश मिश्र ने बताया कि 27 मार्च को नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 6 मिनट तक रही। इसके बाद दशमी लग गई। लेकिन पंचांग अनुसार नवमी आज पूरे दिन मान्य होगी क्योंकि ये तिथि सूर्योदय के समय मौ...