कानपुर, मार्च 27 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। कमिश्नरेट प्रणाली को पांच वर्ष पूरे होने पर गुरुवार को चुनौतियां एवं भविष्य की राह को लेकर मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिवक्ता, पत्रकार, पुलिस, व्यापारी और समाजसेवियों ने जहां कमिश्नरेट में हुए फायदे गिनाए वहीं आम जनता को होने वाली दिक्कतों की तस्वीर भी सामने रखी। सबकी बात सुनने के बाद पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस मंथन से अमृत और विष दोनों निकले हैं। समाज दर्पण की तरह होता है। इस दर्पण में जो छवि दिखती है वह वास्तविक होती है। कमिश्नरेट प्रणाली के बाद छवि काफी सुधरी है लेकिन इसमें और सुधार की गुंजाइश शेष है। कमिश्नरेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत में मैकाले ने कानून बनाया था भारतीयों को दबाने के लिए। यह काम दिया गया पुलिस ...