लखीमपुरखीरी, मई 25 -- ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम कोई वर्चुअल मजहब नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल मजहब है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में वर्चुअल कुर्बानी जैसा कोई फलसफा नहीं है और मुसलमान शरीयत के उसूलों के मुताबिक अमल करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि नितेश राणे ने इस्लाम का अध्ययन किया होता तो वह वर्चुअल कुर्बानी जैसी बात नहीं करते। इस्लाम के अपने नियम और सिद्धांत हैं, जिन पर उसके अनुयायी अमल करते हैं। मदरसों को आतंकवाद का केंद्र बताए जाने पर मौलाना ने कहा कि ऐसे लोगों को पहले मदरसों का इतिहास पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1857 से 1947 तक देश की आजादी की लड़ाई में मदरसों से जुड़े उलमा और छात्रों ने बढ़-चढ़कर ...