देहरादून, अप्रैल 23 -- देहरादून। जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद के नेतृत्व में अल्पसंख्यक मंत्री खजान दास से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई कि जो मदरसे राज्य से सहायता या मान्यता नहीं लेना चाहते, उन्हें अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से संबद्धता के लिए बाध्य न किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 के तहत गठित प्राधिकरण के कई प्रावधानों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। बावजूद इसके, केवल धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 और 30 अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद के संस्थान संचालित करने की आजादी देता है। यह भी पढ़ें- UCC में क्या-क्या बदलाव किए, जवाब दे सरकार; जमात-ए-उल...
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