आगरा, मई 4 -- मंडी में आलू के भाव नहीं मिल रहे हैं। इससे डंप के आलू पर संकट के बादल छा गए हैं। शमसाबाद में आलू अब सड़ने लगा है। चितौरा गांव में किसान के 750 पैकेट खराब हो गए। किसान ने आलू को खेतों में फेंकना शुरू कर दिया है। गांव चितौरा निवासी रामबाबू ने अपने आलू की फसल को समय से खेतों से खोद कर बिक्री न होने की वजह से डंप कर दिया था। उसने भाड़ा अधिक होने के कारण अपने आलू का भंडारण क्षेत्र के कोल्ड स्टोरेज में नहीं किया था। किसान ने 10 बीघा खेत के करीब 750 पैकेट पेड़ों के नीचे रख दिए थे। किसान रामबाबू कई दिनों से अपने आलू की बिक्री करना चाह रहा था। लेकिन, मंडियों में आलू के भाव नहीं मिल रहे थे। कई बार व्यापारी भी आलू देखने के लिए आए। लेकिन, उचित कीमत नहीं दे पाए। अच्छी कीमत के लिए उन्होंने आलू को पेड़ के नीचे रखा छोड़ दिया। अब उसमें सड़न ...