गोरखपुर, सितम्बर 25 -- गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में पहली बार शुरू हुई मोती संबंर्धन योजना के तहत को मोती पालन की वैज्ञानिक तकनीक से जोड़ने की पहल शुरू हुई है। गुरुवार को चरगांवा स्थित सभागार में गोरखपुर मंडल के चयनित किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान आनंद कुमार और डॉ अयूब ने किसानों को मोती उत्पादन की वैज्ञानिक प्रक्रिया की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन के लिए स्वस्थ और उपयुक्त सीपियों का चयन कर उन्हें तैयार किए गए उचित तालाब में अनुकूलित किया जाता है। इसके बाद प्रशिक्षित तकनीशियन वैज्ञानिक प्रक्रिया से सीप में न्यूक्लियस इम्प्लांट करते हैं। यह भी पढ़ें- मंडल के चयनित मोती पालकों को तकनीक से कराया अवगत विशेषज्ञों ने तालाब की गुणवत्ता, आक्सीजन, तापमान, पीएच, स्वच्छता, भोजन और नि...