नई दिल्ली, जनवरी 4 -- सुप्रीम कोर्ट से एक साल पहले मिली मंजूरी के बाद भी अब तक किसी हाईकोर्ट में तदर्थ (एड-हॉक) जज की नियुक्ति नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने लंबित आपराधिक मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए ऐसा फैसला किया था, लेकिन किसी भी हाईकोर्ट ने इस दिशा में विशेष रुचि नहीं दिखाई है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज की नियुक्ति की प्रक्रिया से जुड़े लोगों के अनुसार देश के 25 हाईकोर्ट ने में से किसी ने नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश नहीं की है। केंद्रीय विधि मंत्रालय को अभी तक इस दिशा में कोई नाम नहीं भेजे गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 18 लाख से अधिक आपराधिक मामलों के लंबित होने पर चिंता व्यक्त करते हुए 30 जनवरी, 2025 को तदर्थ जज की नियुक्ति की अनुमति दी थी। अपने फैसले में कहा था कि हाईकोर्ट में तदर्थ जज की संख्या कुल स्वीकृत संख्या क...
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