मंच पर छत्रसाल की तलवारबाजी से दर्शक हुए अचंभित
प्रयागराज, जून 28 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) व जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मप्र की ओर से केंद्र के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय जनजातीय उत्सव के दूसरे दिन नृत्य नाटिका 'महाबली छत्रसाल' का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि इविवि के शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रो. पतंजलि मिश्र व केंद्र के निदेशक सुदेश शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नाटिका के जरिए 12 वर्षीय बालक छत्रसाल की तलवारबाजी, गूंजती रणभेरी व अन्याय के खिलाफ स्वराज के संकल्प को दर्शाया गया। नाटिका के पहले दृश्य में 17वीं शताब्दी की उस घटना को मंच पर कलाकारों ने प्रस्तुत किया, जब मुगलों से संघर्ष कर रहे चंपत राय मोर पहाड़ी पर छिपे हुए थे। यह भी पढ़ें- मंच पर छत्रसाल की तलवारबाजी से दर्शक हुए अचंभित जहां महाराजा छत्रसाल का जन्म होता है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.