मंगल पाण्डेय की ललकार, तालियों-नारों से गूंजा सभागार
बलिया, जुलाई 21 -- बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। बलिया की माटी के लाल अमर बलिदानी मंगल पाण्डेय का अदम्य साहस, अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह की पहली चिंगारी और 1857 की क्रांति का जोश जब मंच पर साकार हुआ तो दर्शक भावनाओं से सराबोर हो उठे। यह भी पढ़ें- शहीद मंगल पांडेय की जयंती पर याद किया गया बलिदानऐतिहासिक नाटक का आयोजन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय और राष्ट्रीय कला मंच की ओर से आयोजित ऐतिहासिक नाटक '1857 के महानायक मंगल पाण्डेय' के मंचन ने इतिहास को इतनी जीवंतता से प्रस्तुत किया कि पूरा गंगा बहुद्देशीय सभागार 'भारत माता की जय'और 'वंदे मातरम' के नारों से गूंज उठा।दीप प्रज्ज्वलन और उद्घाटन शुभारंभ प्रदेश सरकार के परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह, राष्ट्रीय कला मंच के राष्ट्रीय प्रमुख अंकित शुक्ल, अभाविप के प्रांत मंत्...
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