मंगल-गुरु की युति से बना नीचभंग योग, कर्क समेत इन 3 राशियों की होगी चांदी ही चांदी, खूब कमाएंगे धन-दौलत
नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- Mangal-Guru Yuti: मंगल के कर्क राशि में प्रवेश के बाद गुरु के साथ उनकी युति बन रही है। कर्क राशि मंगल की नीच राशि मानी जाती है, जबकि गुरु यहां उच्च के होते हैं। इसी वजह से इस युति को लेकर नीचभंग की चर्चा शुरू हो गई है। ज्योतिष में मंगल को साहस, जमीन, ऊर्जा और पराक्रम से जोड़कर देखा जाता है। वहीं गुरु ज्ञान, धन, शिक्षा और विस्तार के कारक माने जाते हैं। दोनों ग्रहों का एक ही राशि में होना कुछ राशियों के लिए कामकाज और आर्थिक मामलों में बदलाव के संकेत दे सकता है।मंगल की नीच स्थिति का कब होता है भंग? ज्योतिष में मंगल को कर्क राशि में नीच का माना जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि मंगल हर स्थिति में खराब परिणाम ही देंगे। कुंडली में मौजूद दूसरे ग्रह और उनके संबंध मंगल के फल को बदल सकते हैं। नीचभंग की शर्तों में नीच ग्रह की...
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