लखनऊ, मई 12 -- अलीगंज व हनुमान सेतु मंदिर में सुबह चार बजे खुल गये कपाट कहीं गुड़ धनिया तो कहीं भक्तों को मिला देसी घी के लड्डुओं का प्रसाद यह भी पढ़ें- Bada Mangal: बड़े मंगल को मनाने की परंपरा कहां से शुरू हुई? लखनऊ में क्यों लगते हैं इतने अधिक भंडारे लखनऊ, संवाददाता। यह भी पढ़ें- बजरंगबली के जयकारों से गूंजे मंदिर, हुआ प्रसाद वितरण 'मंगल को जन्मे, मंगल ही करते, मंगलमय भगवान...' श्री हनुमान जी के इस सुंदर भजन के भावों के साथ ज्येष्ठ माह के दूसरे मंगलवार को शहर के हनुमान मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की पहली किरण के साथ ही मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। कहीं भक्त आंखें बंद कर हनुमान चालीसा का पाठ करते नजर आए तो कहीं सुंदरकांड की चौपाइयों से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। मंदिरों में बजते घंटा-घड़िया...