ज्योतिर्विद पंडित डॉ दिवाकर त्रिपाठी, फरवरी 24 -- फाल्गुन के इस महीने में मंगल शनि की पहली राशि मकर से शनि की दूसरी राशि कुंभ में आए गएहैं। कुंभ में मंगल का आना यू ही सामान्य नहीं है। मंगल के कुंभ राशि में आने से पांच ग्रह कुंभ राशि में आ जाएंगे, जिससे पंचग्रहीय योग बन रहा है, इसके अलावा इस दिन के बाद से होलाष्टक भी शुरू हो रहे हैं, जिसमें ग्रह पहले से उग्र होते हैं। अब मंगल और राहु सूर्य के साथ प्रबल अंगारक योग भी बन रहा है, जो 1 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। सूर्य, बुध, मंगल शुक्र और राहु का योग जहां कुंभ राशि के अलावा कईराशियों में असर डालेगा, वहीं देवगुरु बृहस्पति की कुंभ राशि में दृष्टि होने से नकारात्मकता में थोड़ी कमी जरूर आएगी फिर भी अकस्मात बड़े नकारात्मक परिवर्तन की स्थिति भी इस अवधि में बन सकती है। इसलिए इस दौरान खास तौर सावधान ...
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