मंगलदेव से है इस रत्न का संबंध, कितनी रत्ती का होना चाहिए, इसको भी जानना जरूरी?
नई दिल्ली, जून 29 -- मोती की भांति मूंगा भी खनिज रत्न नहीं है, इसीलिए खनिजविज्ञान इस पर ध्यान नहीं देते । मोती के समान यह भी समुद्र से मिलता है और उसी के समान इसका घटक पदार्थ भी केलशियम कार्बोनेट ही है। इन दो विशेषताओं के अतिरिक्त इनमें कोई समानता नहीं है। मोती अपनी आकर्षक मुक्ता-आभा के कारण रत्नों में गिना जाता है। मूंगा भी अपने आकर्षक रंग और चमक के कारण ही रत्नों में गिना गया है। मंगलदेव से है इस रत्न का संबंध, इसलिए अगर कुंडली में मंगल सही नहीं है तो आपको मंगल दोष परेशान करेंगे। इसलिए इस मजबूत करने के लिए मूंगा पहना जाता है। इसको पहनने के साथ ही इससे जुड़े कई नियमों का पालन भी किया जाता है।किस राशि को पहनना चाहिए मूंगा? मूंगा वृश्चिक राशि वालों के लिए पहना जाता है। इस राशि के स्वामी मंगल है, इसके अलावा मेष राशि के लोगों को भी मूंगा पहन...
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