मंगलगढ़ दुर्ग पर्यटन विकास में मील का पत्थर होगा साबित
महोबा, अप्रैल 17 -- महोबा, संवाददाता। रियासत कालीन विरासतें गौरवशाली इतिहास की गवाह बनी हुई है। कई प्राचीन विरासतें देखरेख के अभाव में बदहाली पर आंसू बहा रहीं है। लंबे समय से इन विरासतों के संरक्षण की मांग उठाई जा रही है। चरखारी रियासत के मंगलगढ़ दुर्ग में पर्यटन की असीम संभावनाएं है। लंबे समय तक यह विरासत सेना के कब्जे में रहा है अब सेना के अधिकार से अलग होने पर लोग पर्यटन विकास को लेकर किला को तैयार कराने की मांग उठा रहे है। चरखारी को बुंदेलखंड के कश्मीर के नाम से जाना जाता है। रियासत काल में यहां के राजाओं ने कई ऐतिहासिक विरासतों का निर्माण कराया। यह भी पढ़ें- पर्यटन मानचित्र पर बुंदेलखंड की होगी वैश्विक पहचान, संवारे जा रहे ऐतिहासिक स्थल राधा कृष्ण के मंदिरों के साथ यहां का मंगलगढ़ दुर्ग वैभवशाली इतिहास का गवाह है। पिछले तीस साल से यह...
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