गंगापार, जून 30 -- मांडा, हिन्दुस्तान संवाद। मांडा पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में गर्मी चरम पर होने के साथ ही जलस्तर नीचे जाने के कारण ज्यादातर कुओं और हैंडपंपों के सूख गये हैं। हर साल गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र के तमाम गांवों में स्थानीय प्रशासन को टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराना पड़ता है, लेकिन इस बार अब तक टैंकर से पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। यही वजह है कि क्षेत्र के मंगरौल आदिवासी बस्ती के इकलौते कुएं के मटमैले पानी के लिए भी सुबह से शाम तक लोगों की भारी भीड़ डटी रहती है।मंगरौल आदिवासी बस्ती के मानिकचंद्र, विजय शंकर, मोहन लाल, रामरक्षा, रमाकांत, ननकू, छोटेलाल, फूलचंद्र, साहबलाल, राजकुमार, विन्ध्येश्वरी, सुरेश कुमार, मुकेश कुमार, शीला देवी, करीना, मिट्ठूलाल, नागेंद्र, सुलोचना, फूल देवी, रंजना ,सीमा, रजवंती, सुमन, रेखा, बिटोला आदि न...