नई दिल्ली, जनवरी 28 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने निसंतान दंपतियों द्वारा किसी अन्य दंपति के अप्रयुक्त भ्रूण को गोद लेने पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है। यह याचिका सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 के तहत भ्रूण दान पर लगी रोक को असंवैधानिक बताते हुए दायर की गई है। मामले की सुनवाई के बाद पीठ ने केन्द्र सरकार व राष्ट्रीय सहायक प्रजनन तकनीक एवं सरोगेसी बोर्ड को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अधिनियम की धारा 28 के दायरे का विस्तार चाहता है, जो मानव भ्रूण के भंडारण तथा उपयोग को नियंत्रित करती है। याच...
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