लखनऊ, नवम्बर 29 -- भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट से चार साल की कैद और 5000 रुपये अर्थदंड की सजा पाए एक बिजली कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। एडीजे कोर्ट ने उसे 28 मार्च को सजा सुनाई थी। विभागीय जांच में पाया गया कि हाईकोर्ट ने भी जमानत तो दे दी लेकिन सजा को लेकर उसे कोई राहत नहीं दी। इस जांच के बाद कर्मचारी को 29 नवंबर को अधीक्षण अभियंता(तकनीकी) ने बर्खास्त कर दिया। कमलेश कुमार चौधरी, अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) ने बताया कि विद्युत नगरीय वितरण खंड चौक कार्यालय में कार्यकारी सहायक के पद पर तैनात संजीव कुमार यादव के खिलाफ वर्ष 2015 में अमीनाबाद थाना में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज था। इस मामले में वह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायालय लखनऊ में चल रहे मुकदमें में पेशी के लिए 28 मार्च 2025 को आकस्मिक अवकाश लेकर गया। अगले दिन 29 मार्च...
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