रांची, फरवरी 18 -- रांची, संवाददाता। सरकारी तंत्र में होने वाले भ्रष्टाचार पर करारा व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए मंगलवार को देशप्रिय क्लब में एक दिवसीय नाटक ताजमहल का टेंडर का मंचन किया गया। अजय शुक्ला द्वारा लिखित इस चर्चित व्यंग्य नाटक ने दर्शकों को हंसते हुए सरकारी व्यवस्था की कड़वी सच्चाई से भी रूबरू कराया। नाटक की पूरी कहानी मुगल सम्राट शाहजहां इस आधुनिक दौर में आकर अपनी बेगम की याद में ताजमहल बनवाने का निर्णय लेते हैं। लेकिन जैसे ही यह सपना सरकारी तंत्र के हवाले होता है। यह परियोजना फाइलों, नियम-कायदों, टेंडर प्रक्रिया, बैठकों और कमीशनखोरी के जाल में उलझ जाती है। इस दौरान एक साधारण चपरासी से लेकर उच्च पदाधिकारी तक, सभी फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर अपने-अपने स्वार्थ का लाभ लेते हुए सीधे नजर आते हैं। नाटक में कलाकारों ने दिखाया गया कि एक लो...