बलिया, अगस्त 3 -- बलिया। फेफना क्षेत्र के के इंदरपुर थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि देवता व दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन सावन महीने में करने का निर्णय लिया। इस दौरान निकले अमृत व अन्य द्रव्यों को तो अन्य देवताओं ने धारण कर लिया। लेकिन हलाहल विष को कोई धारण नहीं कर रहा था। इस असमंजस स्थिति में सोमवार के दिन भगवान शंकर ने सृष्टि हित में विषपान किया था, जिससे वह अचेत हो गए थे, यह देख देवताओं ने उनके उपर पानी व दूग्ध, मधु आदि उड़ेलने लगे, तब भगवान शंकर को चेतना आयी और तभी से सावन और सोमवार का दिन दिन भोलेनाथ को प्रिय हो गया। यह भी पढ़ें- First Sawan Somwar Images: खूबसूरत तस्वीरों और ग्रीटिंग कार्ड से दें पहले सोमवार की बधाई इस महीने में जो भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक करता है भोलेनाथ उनकी सभी मनोकामना ...