नई दिल्ली, मई 8 -- एक हिंदू याचिकाकर्ता ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सामने दलील दी कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से भोजशाला परिसर के 'मूल धार्मिक स्वरूप' को बहाल करने के लिए कहा जाना चाहिए, और वहां केवल हिंदुओं को ही पूजा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। हिंदू समुदाय धार जिले में स्थित भोजशाला को मूलरूप से देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह कमाल मौला मस्जिद है। यह विवादित परिसर एएसआई के संरक्षण में है। याचिकाकर्ताओं में से एक, 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के वकील विष्णु शंकर जैन ने शुक्रवार को इंदौर पीठ के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के सामने एएसआई के 7 अप्रैल, 2003 के आदेश को चुनौती दी। एएसआई के 2003 के आदेश के अनुसार, हिंदुओं को परिसर में हर मंगलवार को पूजा करने की ...