नई दिल्ली, मई 15 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला दिया। अदालत ने विवादित परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर करार दिया है और यहां मुसलमानों के नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख को इस पर 'बाबरी मस्जिद फैसले' की याद आ गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में फैसला पलटने की उम्मीद भी जाहिर की है। असदुद्दीन ओवैसी ने भोजशाला फैसले पर पहली प्रतिक्रिया में कहा, 'हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इसे सुलझाएगा और इस आदेश को पलट देगा। बाबरी मस्जिद के फैसले से स्पष्ट समानताएं हैं।' हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष ने आदेश के अध्ययन और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। ओवैसी की पार्टी के ही नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने कहा कि एक...