भोजशाला की कहानी क्या है? मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर कैसे और कब बना कमाल मौला मस्जिद
नई दिल्ली, मई 15 -- Bhojshala Story: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने कहा कि यह मां सरस्वती का ही मंदिर है। हाई कोर्ट ने भोजशाला में नमाज पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। भोजशाला देश के सबसे चर्चित धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। काफी पुराने इस परिसर को हिंदू पक्ष मां सरस्वती का मंदिर और संस्कृत शिक्षा का केंद्र मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता रहा है। राजा भोज से जुड़ी भोजशाला की कहानी इतिहासकारों के अनुसार, 11वीं सदी में परमार वंश के राजा भोज ने धार को अपनी राजधानी बनाया था। उसी दौर में यहां एक विशाल संस्कृत विद्यापीठ और मां सरस्वती का मंदिर स्थापित किया गया। इसे बाद में 'भोजशाला' कहा जाने लगा। माना जाता है कि यहां विद्वानों को वेद, व्याकरण, द...
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