नई दिल्ली, मई 4 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने सोमवार को मुस्लिम समुदाय के एक पक्षकार को निर्देश दिया कि वह भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वैज्ञानिक सर्वेक्षण से जुड़ी वीडियोग्राफी पर तीन दिन के भीतर अपनी लिखित आपत्तियां पेश करे। भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है। धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील तौसीफ वारसी ने न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला व न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी के समक्ष तकनीकी दिक्कतों का हवाला दिया और कहा कि उन्हें इस परिसर में एएसआई के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के दौरान की गई वीडियोग्राफी तक पहुंच नहीं मिल सकी...