बिहारशरीफ, अप्रैल 9 -- भोजपत्र, ताड़पत्र व कपड़ों पर हस्तलिखित पाण्डुलिपियों को संरक्षित करने को बनी कमेटी ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पाण्डुलिपियों का होगा डिजिटलाइजेशन 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में अतीत को सहेजना भी है मुख्य उद्देश्य फोटो : मीटिंग डीएम : कलेक्ट्रेट में गुरुवार को अधिकारियों संग बैठक करते डीएम कुंदन कुमार। बिहारशरीफ, कार्यालय संवाददाता। भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर है, जो कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र और कपड़े जैसे माध्यमों पर हस्तलिखित पाण्डुलिपियों के रूप में संरक्षित हैं। इन पाण्डुलिपियों को सुरक्षित रखना और डिजिटल रूप में परिवर्तित करना समय की आवश्यकता है। ताकि, आने वाली पीढ़ियां भी इस ज्ञान से लाभान्वित हो सकें। इस कार्य में सामूहिक जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए डीएम कुंदन कुमार ने गुरुवार ...