जमुई, मार्च 2 -- जमुई, निज संवाददाता रहमत और बरकत का मुकद्दस महीना रमजान शुरू होते ही रोजेदार इबादत के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखने लगे हैं। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान का महीना सब्र, संयम और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है। दिनभर भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करने वाले रोजेदारों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपनी सेहत के प्रति सजग रहें, ताकि इबादत में किसी प्रकार की शारीरिक परेशानी न हो। सदर अस्पताल जमुई में कार्यरत डॉ परवीन जया ने बताया कि रमजान के दौरान सही खान-पान और संतुलित दिनचर्या अपनाकर रोजेदार पूरे महीने स्वस्थ रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेहरी और इफ्तार के समय संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना अत्यंत आवश्यक है। अक्सर देखा जाता है कि इफ्तार के समय लोग तली-भुनी और अधिक चिकनाई वाली चीजों का सेवन अधिक मात्रा में ...
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