दरभंगा, अप्रैल 15 -- शैलेन्द्र कुमार,सिंहवाड़ा। दलहन की फसल तैयार होने के समय तीन बार हुई आंधी-बारिश व ओलावृष्टि से किसानों को काफी क्षति हुई। किसानों को अब भोजन की थाली से दाल का कटोरा छिन जाने की आशंका सता रही है। खेत में उखाड़कर रखी गई मसूर की फसल जलजमाव के कारण खेत में ही सड़ गई। तेज आंधी ने अरहर के पौधे को गिरा दिया। मटर व रहरिया की फसल भी आंधी पानी की भेंट चढ़ गई। खेतों में लगाई गई दलहन की अधिकतर फसल खेत-खलिहान में ही सड़ गई। भरवाड़ा के शंभू ठाकुर, महादेव साह, कुमरपट्टी के चंद्र किशोर सिंह, कोरा के गोविंद कुमार आदि किसानों ने बताया कि 15-20 वर्ष पूर्व क्षेत्र में दलहन का उत्पादन बहुत हो रहा था। यह भी पढ़ें- दलहन के लिए कोई स्थानीय मंडी या बाजार उपलब्ध नहीं नीचे वाले खेतों में खेसारी की फसल एवं भीठ वाले खेतों में चने की फसल से लोग दलहन का ...
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