प्रयागराज, जून 30 -- प्रख्यात कहानीकार अमरकांत को साहित्य जगत में प्रसिद्धि दिलाने में प्रगतिशील विचारधारा के कहानीकार व संपादक भैरव प्रसाद गुप्त की बड़ी भूमिका थी। जो साहित्य के सोंटा गुरु के नाम से विख्यात थे। पचास के दशक में सोंटा गुरु के घर पर आयोजित प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) में अमरकांत शामिल हुए थे। वहां उनका परिचय मार्कण्डेय, शेखर जोशी, धर्मवीर भारती, रामस्वरूप चतुर्वेदी, लक्ष्मीकांत गुप्त जैसे साहित्यकारों से हुई। उस समय सोंटा गुरु कहानी पत्रिका के संपादक थे और उन्होंने अमरकांत को तराशने का कार्य किया। साहित्यकार रविनंदन सिंह बताते हैं कि अमरकांत ने कई बार जिक्र किया था कि सोंटा गुरु ने उन्हें कहानीकार के रूप में संवारा था। उन्होंने कहानीकार के रूप में जो भी आसपास देखा, जो जिया और भोगा। उसको अपने रचना संसार में पिरोने का कार्य क...