भू-धंसान से बीसीसीएल-जेआरडीए पर पुनर्वास का दबाव
धनबाद, जुलाई 9 -- धनबाद, विशेष संवाददाता। मानसून की शुरुआत में ही बीसीसीएल के प्रभावित क्षेत्रों में भू-धंसान की बढ़ती घटनाओं से लोग सकते में हैं। बीसीसीएल-जेआरडीए पर भी पुनर्वास कार्य को तेज करने का दबाव है। संशोधित मास्टर प्लान के तहत अबतक बड़े पैमाने पर प्रभावित आबादी को पुनर्वास में सफलता नहीं मिली है। कोयला क्षेत्र के लिए अगले तीन-चार माह बहुत कष्टकर साबित होने वाले हैं। खासकर भूमिगत आग और भू-धंसान के साथ अवैध खनन प्रभावित क्षेत्रों में हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। छाताबाद की घटना चिंताजनक है। टंडाबाड़ी की तरह छाताबाद में भी भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र का दायरा बड़ा है और बड़ी आबादी जद में है। मानसून में भू-धंसान की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं। कोयलांचल में भूमिगत आग, पुरानी खदानों के रिक्त जगह और अवैध खनन के कारण जमीन पहले से खोखली ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.