धनबाद, सितम्बर 29 -- धनबाद में भू-धंसान, भूमिगत आग और असुरक्षित खनन को लेकर अधिवक्ता दीपनारायण ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) में शिकायत की है। इसे आयोग ने स्वीकार कर लिया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि झरिया, कतरास सहित कई क्षेत्रों में लोग खतरे के साये में जी रहे हैं। 5,940.47 करोड़ रुपए के संशोधित झरिया मास्टर प्लान के बावजूद समय पर पुनर्वास नहीं हो रहा है, जबकि बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच खींचतान व बंद खदानों की सही भराई न होने से स्थिति गंभीर है। याचिकाकर्ता ने विशेषज्ञों की समिति से वैज्ञानिक सर्वेक्षण, जीआईएस मैपिंग, 24 घंटे हेल्पलाइन, सुरक्षित शिफ्टिंग और मुआवजे की मांग की है। मामले में बीसीसीएल के सभी 12 जीएम, जिला व पुलिस प्रशासन, सीआईएसएफ, नगर निगम और डीजीएमएस को प्रतिवादी बनाया गया है।

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