देवरिया, मार्च 22 -- देवरिया, निज संवाददाता। आबादी बढ़ने के साथ ही खाली जमीनों पर भवनों के निर्माण व तालाब, पोखरों व कुओं के जीर्णोद्धार नहीं होने व जल संचय पर ध्यान नहीं देने से भू-गर्भ जलस्तर में कमी आ रही है। जिले के भाटपाररानी व बनकटा विकास खंड में भू-गर्भ जलस्तर में कमी होने से ये दोनों विकास खंड सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल हैं। यदि समय रहते हम नहीं चेते तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। विश्व जल दिवस पर हमें जल संचय के लिए जागरूक होकर संकल्प लेना होगा। बिहार व उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर निकली स्याही नदी में लगभग तीन दशक से अधिक समय से सूखी है। जिससे भाटपारराणी व बनकटा ब्लाकों के दर्जन भर गांव हर साल गर्मी में प्रभावित होते हैं। कुशीनगर जनपद से बिहार के गोपालगंज होते हुए जनपद के भाटपाररानी तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों से सटकर मै...
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