आजमगढ़, मई 16 -- आजमगढ़, संवाददाता। सस्ते दर पर खरीदी गई कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलकर प्लाटर शहर में धड़ल्ले के साथ प्लाटिंग के साथ ही अवैध कालोनियां बनवा रहे हैं। शहर से सटे क्षेत्रों में इस तरह की करीब 10 कालोनियां बन चुकी हैं। जबकि डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर अवैध रूप से जमीन की प्लाटिंग का काम चल रहा है। आजमगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) का गठन वर्ष 2008 में हुआ है। पिछले वर्ष माह फरवरी में महायोजना 2031 लागू हुई। महायोजना लागू होने के बाद अवैध प्लाटर सक्रिय हो गए और एडीए के क्षेत्र में तेजी से भूमि की प्लाटिंग का कार्य शुरू कर दिया। वर्तमान में शहर क्षेत्र में ही तकरीबन दो दर्जन से अधिक बड़े प्लाटर हैं। धड़ल्ले के साथ भूमि की खरीद-फरोख्त कर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। अवैध प्लाटिंग का खेल शहर से सटे ग्रीन लैंड और कृषि योग्य भूमि पर धड़ल...