एटा, अप्रैल 20 -- जिले के अंदर ग्राम पंचायतों के अधीन सभी सरकारी गोशालाओं में रहने वाले गोवंशों का साल भर पेट भरने के लिए बड़े पैमाने पर भूसे की व्यवस्था की जा रही है। इसमें 60 फीसदी भूसा पशुपालन विभाग के जरिए से खरीदा जाना है, जबकि 40 फीसदी किसानों की स्वेच्छा से दान में लिया जाना है। सोमवार को सीवीओ डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि शासनादेश के अनुसार ग्राम पंचायतों में संचालित सभी 20 गोशालाओं में संरक्षित गोवंशों के लिए भूसा जुटाने के लिए इस बार भी दोहरी नीति अपनाई गई है। कुल 28 हजार 530 कुंतल भूसा भंडारण का लक्ष्य 60 फीसदी 400 से 600 रुपये प्रति कुंतल की दर खरीदकर एवं 40 फीसदी सामाजिक सहभागिता और दान के माध्यम से एकत्रित कर किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि गोशालाओं के भंडारों को भूसे से भरकर तैयार किया जाए, ताकि बरसात औ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.