वाराणसी, जनवरी 17 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। कल तक जो लोग रंगमंच के सितारे थे लेकिन आज उनका कोई नाम लेवा नहीं है। ऐसे लोगों की तलाश करने का अभियान नागरी नाटक मंडली की ओर से शुरू होगा। यह निर्णय रंगधर्मी डॉ.राजेंद्र उपाध्याय की स्मृति सभा में रंगधर्मियों की खराब आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठने के बाद किया गया है। नागरी नाटक मंडली की ओर से गुरुवार को आयोजित स्मृति सभा में कई वक्ताओं ने इस बात की ओर इशारा किया था कि डॉ.राजेंद्र उपाध्याय ने जीवन में गंभीर आर्थिक संकट झेला लेकिन कभी किसी को अपनी दयनीय स्थिति का आभास नहीं होने दिया। वह इतने स्वाभिमानी थे कि कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। नागरी नाटक मंडली के सचिव डॉ.अजीत सैगल ने कहा कि डॉ.उपाध्याय के जीवन में जो हुआ उसे लौटाया नहीं जा सकता लेकिन जो रंगधर्मी अब भी बचे हैं और आर्थिक संकट झेल रहे ...
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