रांची, जुलाई 1 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने निजी भूमि विवादों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य नि:शक्तता आयुक्त को जमीन के स्वामित्व, कब्जे या अधिकार से जुड़े विवादों का निर्णय करने का अधिकार नहीं है। ऐसे मामलों की सुनवाई और फैसला केवल सक्षम सिविल कोर्ट ही कर सकती है। अदालत ने राज्य नि:शक्तता आयुक्त के 28 जून 2019 को जारी आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए रद्द कर दिया। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने यह फैसला दो याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए दिया। मामला चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के धोलिया गांव की लगभग 2.97 एकड़ भूमि से जुड़ा था, जिस पर दोनों पक्ष अपना-अपना स्वामित्व और कब्जा होने का दावा कर रहे थे। मामले में एक दिव्यांग व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर...