नोएडा, अप्रैल 7 -- ग्रेटर नोएडा, आशीष धामा। यमुना प्राधिकरण के खाते में पांच साल तक लाखों रुपए जमा कराने के बाद भी एक भूखंड विक्रेता रजिस्ट्री नहीं करा पा रहा है। अफसरों ने नियमों के पालन न होने का हवाला देकर उसकी रजिस्ट्री अटका दी है। पीड़ित ने मामले में सीईओ से शिकायत की है। जानकारी के मुताबिक औद्योगिक भूखंड योजना के तहत 2015 में एक व्यक्ति के नाम पर 300 वर्गमीटर का औद्योगिक भूखंड आवंटित हुआ था, लेकिन आवंटी ने भूखंड की किस्तों का भुगतान करने में असमर्थता जताते हुए भूखंड को अनिल शुक्ला व उनके बेटे रवि शुक्ला को बेच दिया। रवि शुक्ला ने बताया कि उन्होंने भूखंड की एवज में 18 लाख रुपए प्रीमियम दिया था। यीडा के दस्तावेज में उनका व उनके पिता का नाम पता दर्ज हो गया। पीड़ित ने अपने खाते से 2021 से लेकर 2025 तक प्राधिकरण को भूखंड की किस्तों का 35...
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