गंगापार, जनवरी 4 -- भीषण ठंड में गोवंशशालाओं में मौजूद पशुओं को कोट नहीं पहनाया जा सका। जिससे चुभन भरी ठंड हवाओं से पशुओं को निजात नहीं मिल सकी। गोवंशशालाओं में मानक के हिसाब से भूसा चारा भी पशुओं को नहीं मिल पा रहा है, जिससे शीतलहरी में पशु कमजोर हो गए हैं। मेजा पहाड़ी स्थित गोवंश शाला में भूसा चारा तो हैं, लेकिन चूनी चोकर मानक के हिसाब से नहीं दिया जा रहा है। उधर भइयॉ गोवंश शाला की हालत बद से बदतर है। पशुओं को भूसा की जगह पुवाल डाल दिया जाता है। इन्हें मानक के हिसाब से हरा चारा व अन्य पौष्टिक तत्व नहीं मिल पा रहा है। जिससे पशुओं की हालत दयनीय हो गई है। सूत्रों की माने तो गोवंश शालाओं में पशुओं की संख्या गणना के हिसाब से काफी कम है। गोवंश शाला के जिम्मेदार कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं।
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